खतौनी के नाम पर निचलौल तहसील में वसूलें जा रहें 15 रूपए के बजाय 20 रूपए वसूली के लिए बैठा प्राइवेट व्यक्ति

 खतौनी के नाम पर निचलौल तहसील में वसूलें जा रहें 15 रूपए के बजाय 20 रूपए वसूली के लिए बैठा प्राइवेट व्यक्ति

निचलौल जिला महराजगंज 

जनपद महराजगंज का निचलौल तहसील बना दलाली का अड्डा दलाली के लिए हर आफिस में रक्खे गए प्राईवेट व्यक्ति निचलौल एस डी एम के नाक के तले  कार्य करते दिखाई देते प्राइवेट व्यक्ती बताते चलें कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नित्य नए नियम बना कर प्रशासन को पारदर्शिता पुर्ण कार्य करने का शासनादेश दिया जा रहा है लेकिन शासनादेश का उलंघन प्रशासनिक अधिकारियों/ कर्मचारियों की नियति बन गई है उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिनांक 29-08-2023 को शासनादेश जारी कर किसी भी सरकारी दफ्तर में प्राइवेट कर्मियों से कार्य करने पर रोक लगा दी है  लेकिन इस शासनादेश का प्रशासनिक अधिकारियों/ कर्मचारियों पर कोई असर नहीं हैं बदस्तूर हर कार्यालय में प्राइवेट कर्मियों से कार्य कराया जा रहा है। मामला है निचलौल तहसील का जहां रजिस्ट्री आफिस, तहसीलदार आफिस, कानूनगो आफिस, नजारत, खतौनी कम्प्यूटर कक्ष, तहसीलदार कोर्ट एस डी एम कोर्ट हर जगह प्राइवेट कर्मियों से काम लिया जाता है निचलौल तहसील में सरकारी कागजात प्राईवेट व्यक्ति के हाथ में ही रहता है आधिकारियों/ कर्मचारियों के सारे अवैध कारोबार जैसे घुस, संवाद स्थापित करने का माध्यम आदि इन प्राइवेट कर्मियों के द्वारा ही संपादित किया जाता है। निचलौल तहसील का एक बानगी निचलौल खतौनी कम्प्यूटर कक्ष का है जहां खतौनी के नाम पर आम जनमानस से बीस रुपए लिया जाता है। जबकि शासन द्वारा एक खतौनी की सरकारी शुल्क मात्र 15 रुपए पांच पेज के लिए निर्धारित है। तो वहीं दूसरी ओर तहसील न्यायालय में भी हाल वही है मलाईदार विभाग रजिस्ट्री आफिस में भेंट के नाम पर बड़ा कारोबार चल रहा है।

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