यूपी ग्रामीण बैंक में करोड़ों का हवाला खेल ? फर्जी खातों से बंगाल तक पैसा कैसे पहुँचा !

यूपी ग्रामीण बैंक में करोड़ों का हवाला खेल ? फर्जी खातों से बंगाल तक पैसा कैसे पहुँचा !

महराजगंज

उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक महराजगंज क्षेत्र अंतर्गत खुशहालनगर ,घुघली शाखा सहित कुछ अन्य शाखाओं में करोड़ों रुपये के बेनामी फर्जी और संदिग्ध लेन-देन का एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। प्राप्त दस्तावेज़ों एवं विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इन शाखाओं के माध्यम से लंबे समय से हवाला कारोबार संचालित होने की आशंका है जिसके तार पश्चिम बंगाल तक जुड़े बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार बैंक में बिना वैध दस्तावेज़ों के दर्जनों फर्जी खाते खोले गए जिन्हें पार्किंग अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया गया इनमें प्रमुख रूप से

चंद्रशेखर प्रजापति – खाता संख्या (640805/410)

उदयभान सिंह – खाता संख्या (75059690894)

अनिता सिंह – खाता संख्या (75069402546)

तथा खाता संख्या 640805/1379 से 640805/1388 तक शामिल हैं।

इन खातों में भारी मात्रा में धनराशि जमा की गई और फिर उसे पश्चिम बंगाल स्थित मोहम्मद मुस्तफा नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया बैंकिंग पैटर्न और लेन-देन का तरीका मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क की ओर स्पष्ट इशारा करता है।

अधिकारियों की मिलीभगत का गंभीर आरोप

इस पूरे फर्जी लेन-देन में क्षेत्रीय प्रबंधक और संबंधित शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से इन गतिविधियों को अंजाम दिए जाने का आरोप सामने आया है। बिना KYC, बिना वैध पहचान और बिना किसी ठोस दस्तावेज़ के खाते खोलना, बैंकिंग नियमों की खुली अवहेलना को दर्शाता है।

किसानों के KCC खातों से अवैध कटौती

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि सैकड़ों किसानों के KCC खातों से ₹1470 प्रति खाता की अवैध कटौती की गई। यह राशि सीधे उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, घुघली शाखा में ट्रांसफर की गई।

गरीब किसानों और असहाय खाताधारकों की मेहनत की कमाई पर इस तरह डाका डालना बैंकिंग तंत्र में गहरी सड़ांध को उजागर करता है।

भ्रष्टाचार का विरोध करने पर स्थानांतरण

जब इस पूरे फर्जीवाड़े का श्री त्रिपाठी जी द्वारा विरोध किया गया, तो उन्हें न्याय देने के बजाय क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा दूरस्थ स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया यह कार्रवाई इस बात की पुष्टि करती है कि भ्रष्टाचार को दबाने और सच बोलने वालों को सज़ा देने की नीति अपनाई जा रही है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और बैंकिंग सिस्टम पर खतरा

यह मामला केवल वित्तीय घोटाले तक सीमित नहीं है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा मनी लॉन्ड्रिंग और बैंकिंग प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई, तो ऐसे हवाला नेटवर्क देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

निष्पक्ष जांच की मांग

अब जरूरत है कि

इस पूरे मामले की CBI / ED / RBI स्तर की निष्पक्ष जांच कराई जाए

दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी आपराधिक कार्रवाई हो

किसानों और खाताधारकों की कटौती गई राशि तत्काल वापस की जाए

ऐसी निष्पक्ष जांच से करोड़ों रुपये के और भी फर्जी लेन-देन उजागर होने की प्रबल संभावना है।

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